जिंदगी लॉकडाउन में...
एक जंग चल रही है, शुरू हुई थी उन्नीस को
तबाह कर रही है, ये साल दो हजार बीस को
दिन पर दिन बढ़ रहे है
अपने अपनों से बिछड़ रहे है
एक दूसरे से बनाये रखनी पड़ रही है, दूरी
ना चाहते हुए भी है, मजबूरी
वे दाव पर लगा रहे है, अपनी जान
ताकि ना जाए और किसी के प्राण
इस जंग में शहीदों की संख्या ज्यादा हैं
मगर खत्म होने का लगता नहीं कोई इरादा हैं
रक्षा कवच है, घर के चार दीवार
जो रोक सकते हैं, दुश्मन के वार
ये जंग लड़नी है, घर बैठकर
बाहर गए, तो शायद जाना होगा कफन में लेटकर
इस जंग का दुश्मन एक बीमारी है
फैलते-फैलते बन गई महामारी है
हालात देखकर हो रहा है, दुख और गम
फिर भी उम्मीद है, जीत जायेंगे हम
रोकना है दुनिया को होने से बेरंग
जिंदगी लॉकडाउन में, है एक जंग

Nice 👍👍
ReplyDeleteरक्षा कवच है, घर के चार दीवार
ReplyDeleteजो रोक सकते हैं, दुश्मन के वार
Best one 👌👌👌👌👌👌
Great piece of writing.
ReplyDeleteThankyou Ma'am
DeleteThe lines are so overwhelmingly real!! You've carved a treasure for posterity to read and tune in to "2020 - A Lockdown Story"!
ReplyDelete